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Wednesday, January 30, 2013

मेरी हो सो जल जाय, तेरी हो सो रह जाय। हमारी जो अहंता, ममता और वासना है वह जल जाए। गुरुजी! आपकी जो करुणा और ज्ञानप्रसाद है वही रह जाए। तत्परता से सेवा करते हैं तो आदमी की वासनाएं नियंत्रित हो जाती हैं और ईश्वरप्राप्ति की भूख लगती है। प्रमाणभूत है कि जगत नष्ट हो रहा है। संसार का कितना भी कुछ मिल जाए लेकिन परमात्म-पद को पाए बिना इस जीवात्मा का जन्म-मरण का दुःख जाएगा नहीं।

Tuesday, January 29, 2013

परीक्षाएं

वो जीवन जीने योग्य नहीं, जिसमें परीक्षाएं न हों। जीवन एक निरंतर चलनेवाली परीक्षा है।  जिंदगी का हर लम्हा किसी न किसी तरह की परीक्षा है। इसमें जो जितना तपा, वह उतना खरा कुंदन बना।

हर व्यक्तिहर परीक्षा में सफल होना चाहता है। इसलिए परीक्षा चाहे जैसी भी हो, उसके लिए उचित तैयारी करनी चाहिए। बिना तैयारी के परीक्षा देना ऐसा ही है, जैसे बिना तैरना सीखे गहरे पानी में उतरना। बिना सीखे कोई गहरे पानी में तो दूर, उथले पानी में भी नहीं उतरता।

तैराकी पानी में ही सीखी जा सकती है, पानी के बिना नहीं। लेकिन इसका प्रारंभ घनघोर गर्जन करते समुद्र अथवा विपुल जल राशि युक्त महानद में संभव नहीं। इसका प्रारंभ तो शांत उथले जल में ही संभव है। जीवन की परीक्षाओं के लिए भी ऐसा ही परिवेश चाहिए।

जिंदगी की वास्तविक परीक्षाएं विषम परिस्थितियों में ही होती हैं। जिस प्रकार परिश्रमी विद्यार्थी परीक्षा भवन से विजयी होकर लौटते हैं और अपने आत्म सम्मान में वृद्धि करते हैं, उसी प्रकार जो व्यक्ति समय-प्रबंधन और आत्म-प्रबंधन द्वारा जीवन में आने वाली विभिन्न परीक्षाओं की पहले से तैयारी रखते हैं, वे सफलता पाते हैं। इससे उनका आत्म विश्वास बढ़ता है। उनके भीतर आशावादी दृष्टि पैदा होती है। और वे हौसले से आगे बढ़ते हैं।

14 फेब को माता पिता पूजन दिन

माँ

अपने आँचल से ढँककर बच्चे को
दूध पिलाने वाली माँ ये जरूर भूल जाती होगी कि आज उसने खाना खाया है या
नहीं परंतु उसे ये जरूर याद रहता है कि मेरा बच्चा भूखा है। नौ माह तक गर्भ में संतान को पालने वाली माँ ना जाने कितनी शारीरिक तकलीफ सहती है परंतु
अपनी उम्र के उत्तरार्द्ध में जब उसी गर्भ पर बेटे की लात पड़ती है या आपकी बातें उसके दिल को दुखाती है तो वो खामोश रहकर यही कहती है 'मेरे बेटे ने
ये सब गुस्से में किया होगा। वो बहुत अच्छा है।'

 
पिता

समंदर के जैसा भी है पिता,
जिसकी सतह पर खेलती हैं असंख्य लहरें, तो जिसकी गहराई में है खामोशी ही
खामोशी। वह चखने में भले खारा लगे, लेकिन जब बारिश बन खेतों में आता है तो
हो जाता है मीठे से मीठा।

माँ की  पिता की यह   बाते कभी नहीं भूल सकते  तो आवो मिलकर उन्हें सन्मानित करे उनके पूजन से 14 फेब को माता पिता पूजन दिन
तुम संयम-सदाचारयुक्त जीवन जीकर अपना जीवन तो समुन्नत करो ही, साथ ही देश की उन्नति के लिए भी प्रयत्नशील रहो। वही सफल होता है जो आत्म-उन्नति करना जानता है। अपनी संस्कृति पर कुठाराघात करने वाले विदेशियों की कुचालों से सावधान रहो और अपनी संस्कृति की गरिमा बढ़ाओ। इसी में तुम्हारा व परिवार, समाज, राष्ट्र और मानवता का हित निहित है।"

Sunday, January 27, 2013

ईश्वर से प्रेम

बहुत से ऐसे लोग मिलेंगे जो कहेंगे कि उन्हें किसी से प्यार हो गया है। अपने प्रेम को पाने के लिए वह दुनिया छोड़ने की बात करेंगे। लेकिन वास्तव में प्रेम को पाने के लिए दुनिया छोड़ने जरूरत ही नहीं है। प्रेम तो दुनिया में रहकर ही किया जाता है। जो दुनिया छोड़ने की बात करते हैं वह तो प्रेमी हो ही नहीं सकते है। दुनिया छोड़ने की बात करने वाले लोग वास्तव में रूप के आकर्षण में बंधे हुए लोग होते हैं। वह प्रेम के वास्तविक स्वरूप से अनजान होते हैं।

जिस प्रेम को पाने के लिए बचैन थे वह तो क्षण भंगुर है। यह प्रेम तो संसार से दूर ले जाता है। वास्तविक प्रेम तो ईश्वर से हो सकता है जो कण-कण में मौजूद है उसे पाने के लिए बेचैन होने की जरूरत नहीं है उसे तो हर क्षण अपने पास मौजूद किया जा सकता है।


सोने की परख उसे घिस कर, काट कर, गरम कर के और पीट कर की जाती है। उसी तरह व्यक्ति का परीक्षण वह कितना त्याग करता है, उसका आचरण कैसा है, उसमे गुण कौन से है और उसका व्यवहार कैसा है इससे होता है।

माता पिता पूजन दिन 14 फेब्रुअरी

माता पिता पूजन दिन 14 फेब्रुअरी

देर रात को भी बिना किसी शिकायत के मेरी मनपसंद सब्जी के साथ मेरी राह देखती मां की सबसे ज्यादा कीमत मुझे अब समझ में आती है। वाकई कितना आसान था उस समय उसे यह कह देना कि- मैं तो बाहर से खाकर आया हूं। आज नौकरी के चलते घर से दूर आया हूं। यहां अपने कपड़े खुद धो रहा हूं और रोज बाहर का कच्चा-पक्का खा रहा हूं, तब समझ में आ रहा है कि मां को वो इंतजार और उसके बाद मिलने वाला मेरा जवाब कितना चुभता होगा पर उसने कभी शिकायत नहीं की।

माँ की यह बाते कभी नहीं भूल सकते तो आवो मिलकर उन्हें सन्मानित करे उनके पूजन से 14 फेब को माता पिता पूजन दिन 14 फेब्रुअरी