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Wednesday, May 5, 2010

सज्जनो ! सत्संगसे जो लाभ होता है, वह साधनसे नहीं होता । साधन करके जो परमात्मतत्वको प्राप्त करना है, वह कमाकर धनी होनेके सामान है । किन्तु सत्संग सुनना तो गोदमें जाना सामान है । गोद चले जानेसे कमाया हुआ धन स्वतः मिल जाता है । सत्संगके द्वारा ऐसी-ऐसी चीजें मिलती हैं, जो बरसोंतक साधन करनेसे भी नहीं मिलतीं । इसलिए भाई ! सत्संग मिल जावे तो जरुर करना चाहिये